नेता अपनी भीड़ चुन लेता है.
भीड़ अपना नेता नहीं चुनती, नेता अपनी भीड़ चुन लेता है.
चुकी हम भीड़ में तब्दील हो चुके हैं.
अर्थात, हम चुन नहीं रहे हैं, हमें चुना जा रहा है.
#contemporary_indian_politics
...आदर्श
तुम्हें जो कविता दी थी मैंने, उसके एवज मे कुछ शब्द मांगे थे। भेज दो न......
भीड़ अपना नेता नहीं चुनती, नेता अपनी भीड़ चुन लेता है.
Comments
Post a Comment
66adarsh@gmail.com