तुम्हें जो कविता दी थी मैंने, उसके एवज मे कुछ शब्द मांगे थे। भेज दो न......
जब संसद में सवालों के लिए जगह न हो तब संसद असंसदीय हो जाता है.
Comments
Post a Comment
66adarsh@gmail.com