I_Stand_With_Neeraj_Jha

 पिछले हफ्ते बड़े भाई Neeraj Jha दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रही धर्म संसद की रिपोर्टिंग किए थे.

फलस्वरूप रिपोर्ट पर हीं हिंसा भड़काने का आरोप लगा दिल्ली पुलिस ने Molitics को नोटिस भेज दिया. Molitics वही संस्थान है जहां पर नीरज झा बतौर संपादक कार्यरत हैं.
ये 'धर्म संसद' सत्ता संरक्षित उत्सवों की एक ऐसी श्रृंखला है, जिसमें हत्यारा बनाने हेतु युवाओं के अंदर नफरत का ज़हर भरा जाता है.
एक पत्रकार जब पत्रकारिता करेगा तो लाज़िम है की तानाशाह को डर तो लगेगा हीं. पर इस संदर्भ में यह समझना जरूरी है कि यह नोटिस नीरज झा या Molitics के खिलाफ नहीं है, बल्कि हमारी नागरिकता के खिलाफ हैं. क्योंकि पुलिस नफरती लोगों को संरक्षण दे रही है और इसके खिलाफ बोलने वालों को नोटिस भेज रही है.
किसी कवि ने कहा था
सूर्य की अब किसी को जरूरत नहीं
जुगनुओं को अंधेरे में पाला गया
फ्यूज बल्बों की अद्भुत समारोह में
रोशनी को शहर से निकाला गया
Molitics के ख़बर की असर देखकर खुशी हुई. विशेषकर इसलिए भी क्योंकि पूर्व में मैंने बतौर पत्रकार इस संस्थान में काम किया है.
मुबारकबाद के साथ कहना चाहता हूं.
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I_Stand_With_Molitics

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